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  • डरा हुआ पत्रकार मरा हुआ नागरिक बनाता है

    डरा हुआ पत्रकार मरा हुआ नागरिक बनाता है

    पटियाला हाउस कोर्ट में वकीलों के समूह ने जो किया वो अदालतों की वर्षों की अर्जित उपलब्धि पर हमला है। बेहद चुनौतीपूर्ण समय में तमाम जजों ने लोकतंत्र के हक में लंबे-लंबे फ़ैसले लिखे, उनकी समझ और साहस की विरासत पर हमला हुआ है। पटियाला हाउस कोर्ट जैसी घटना से तय करना मुश्किल हो जाएगा कि जज कौन है। क्या वकीलों को इजाज़त है कि वे समूह बनाकर जज बन जाएं और जज से पहले अदालत परिसर के भीतर किसी को अपराधी या आतंकवादी साबित कर दें?


  • मीडिया समाज में नागरिकता

    मीडिया समाज में नागरिकता

    क्या हमारी नागरिकता सिर्फ मीडिया में उदगार व्यक्त करके ही पूरी हो जाती है। हम सबको इस बारे में सोचना चाहिए। नागरिकता का ठेका किसी मीडिया या पत्रकार को सौप कर सोया नहीं जा सकता। नागरिकता के विकास के लिए ज़रूरी है कि हम निजी जीवन में निरंतर अभ्यास करते रहें।