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  • गेस्ट ब्लॉग : गरीबों का रेल

    गेस्ट ब्लॉग : गरीबों का रेल

    गरीब आदमी कड़ी मेहनत करने के बावजूद साल दर साल अपने बीवी बच्चों के साथ छठ में घर जाने के लिए उसी जेनेरल डब्बे में कोचा के इसलिए सफर कर रहा है क्योंकि उसकी आर्थिक हैसियत नहीं बदल रही। उसके लिए आज भी अपने बीवी बच्चों के लिए बीस घंटे की सम्मानजनक यात्रा बहुत महँगी है।


  • घर भर छठ

    घर भर छठ

    राजनीति और सरकार की समझ पर उस खाते पीते मध्यम वर्ग ने अवैध कब्ज़ा कर लिया है जो ट्वीटर और फेसबुक पर खुद ही अपनी तस्वीर खींच कर डालता हुआ अघाए रहता है। जो अपनी सुविधा का इंतज़ाम ख़ुद कर लेता है।