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  • ग़रीबों की गंगा

    ग़रीबों की गंगा

    एक नाव में तीस लोग ही आ सकते है । आने-जाने में डेढ़ लीटर डीज़ल की खपत हो जाती है । पम्प सेट की काली हवा गंगा के लिए भी अच्छी नहीं होगी । अचानक एक दूसरी नाव हमारी नाव के बगल आ़ जाती है । उस नाव से इस नाव में एक यात्री आ जाता है । नाविक का दोस्त है । जल्दी दोनों बातें करने लगते हैं । रवि साधु बताता है कि हम तो नाव में ही चलते हैं । सड़क भाती ( अच्छी) नहीं है । हो सके तो आप भी नाव से यात्रा कीजिये । नदी पर चलकर देखिये !