• ओ बिहार के लाला, इन्नी-बिन्नी, घाटो और बोलबै जानते हो!

    ओ बिहार के लाला, इन्नी-बिन्नी, घाटो और बोलबै जानते हो!

    मैं इस किताब को पढ़ने के बाद अंगिका क्षेत्र में खेले जाने वाले नृत्य इन्नी-बिन्नी देखना चाहता हूं। इन्नी-बिन्नी में पति-पत्नि प्रसंग पर महिलाएं नृत्य करती हैं। बगुलो भी कोई नृत्य है जिसमें ससुराल से रूठकर जानेवाली स्त्री के रास्ते में दूसरी स्त्री के साथ नोक-झोंक का चित्रण होता है। घाटो सुनना चाहता हूं जिसमें ससुराल में ग़रीब बहन के घर भाई के आने की सूचना मिलने पर विरह गीत गाया जाता है। जानना चाहता हूं कि गीत के भाव क्या होते हैं, बोल क्या होते हैं। बोलबै क्या है, मुझे नहीं पता। यह भागलपुर और उसके आस-पास के क्षेत्र का नृत्य है, जिसमें महिलाएं पति के परदेश जाते समय का चित्रण करती हैं।